21 September 2026
चावल साफ करने की मशीन: Destoner और Pre-Cleaner में फर्क

चावल साफ करने की मशीन (chawal saaf karne ki machine) सुनने में एक ही मशीन लगती है, पर अलग-अलग गंदगी के लिए अलग मशीन काम करती है। पत्थर और कंकड़ हटाने के लिए destoner चाहिए, खेत का कचरा हटाने के लिए pre-cleaner, और दाने जितने ही साइज के पत्थर पकड़ने के लिए gravity destoner। गलत मशीन चुनने से पैसा भी जाता है और सफाई भी अधूरी रहती है।
Rice cleaning machine यानी Destoner
राइस मिल में चावल साफ करने वाली मशीन आमतौर पर destoner ही होती है। यह हवा, कंपन और छलनी की मदद से पत्थर और कंकड़ को धान या चावल से अलग करती है। पत्थर सिर्फ चावल की क्वालिटी खराब नहीं करते, वे आगे की मिलिंग मशीनों को भी नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए इसे मिलिंग से पहले लगाना ठीक रहता है।
यही मशीन गेहूं, दाल, चना और सोयाबीन की लाइन में भी काम आती है।
Pre-cleaner: पहला कदम
खेत से आई फसल के साथ धूल, पत्ते और छोटे पत्थर आते ही हैं। Pre-cleaner यह कचरा सबसे पहले निकाल देता है। इससे आगे की ग्रेडिंग मशीन जल्दी नहीं घिसती और ग्रेडिंग की रफ्तार भी बनी रहती है। हमारा pre-cleaner 1 से 8 टन प्रति घंटा की क्षमता में बनता है।
Gravity destoner: जब पत्थर दाने जितना ही बड़ा हो
कुछ पत्थर साइज में बिल्कुल दाने जितने होते हैं। छलनी उन्हें पकड़ नहीं पाती, क्योंकि फर्क साइज का नहीं, वजन का होता है। Gravity destoner इसी वजन के फर्क से काम करता है। यह हिलते हुए डेक पर हवा चलाकर भारी पत्थर और हल्के भूसे को अलग कर देता है। डेक का झुकाव और हवा दोनों बदले जा सकते हैं, इसलिए अलग-अलग फसल के हिसाब से सेटिंग बदली जा सकती है।
लोहे के कण और मिट्टी के ढेले
अगर समस्या लोहे के टुकड़ों या मिट्टी के ढेलों की है, तो magnetic destoner चाहिए। इसमें neodymium का ताकतवर मैग्नेट लगता है जो लोहे को खींचकर बाहर निकाल देता है। यह चावल, गेहूं, दाल, चना और सोयाबीन के लिए इस्तेमाल होता है।
कौन सी मशीन चुनें
पत्थर और कंकड़ हटाने हैं तो destoner। दाने के बराबर साइज के पत्थर आ रहे हैं तो gravity destoner। खेत का कचरा, धूल और पत्ते हैं तो pre-cleaner, और उसके बाद ग्रेडिंग। लोहे के कण हैं तो magnetic destoner। कई बार एक ही लाइन में दो मशीनें लगती हैं, जैसे पहले pre-cleaner और फिर destoner।
क्षमता और बिजली
Destoner और gravity destoner 1 से 8 टन प्रति घंटा की क्षमता में बनते हैं। यह क्षमता गेहूं के हिसाब से बताई जाती है, धान या दाल में असली रफ्तार थोड़ी अलग हो सकती है। मशीन 3-phase, 440V सप्लाई पर चलती है। जहां बिजली भरोसेमंद नहीं है, वहां diesel इंजन वाला विकल्प भी उपलब्ध है।
सही मशीन और कीमत के लिए क्या बताएं
हमें फसल का नाम बताएं, कितने टन प्रति घंटा चाहिए, गंदगी किस तरह की है (पत्थर, धूल, लोहा या भूसा), और साइट पर बिजली कैसी है। इतनी जानकारी से हम सही मशीन और उसकी कीमत बता सकते हैं।
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